Tuesday, August 22, 2017

होने चाहिए कुछ घोंसले

वक़्त की खुरदुराहट
महज़
सपनों की मौत का सबब नहीं होनी चाहिए

बनने चाहिए कुछ घोंसले
जहाँ रह सके
शायरी


कुछ सिगरेट के धुएँ से
चाय के धब्बों से बने
अड्डे...
जहाँ रह सके
महफ़िल

उम्र सिर्फ़ झुकाए
उलझन सिर्फ़ उलझाए
प्यार सिर्फ़ डराए
नशा सिर्फ़ गिराए ...

ऐसे में
होने चाहिए कुछ
घोंसले
अड्डे
जहाँ रह सकें
कुछ सहमी सी हसरतें।

June 13, 2017

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