Tuesday, August 22, 2017

नए आसमान से क्या मांगें

नए आसमान से क्या मांगें
उसके नए होने से ही दिल सम्हल जाता है
युगों से टंगा ये आसमान
कुछ कदम चलो बदल जाता है
हमारा दिल भी अजीब है
जो सम्हल जाता है।


4 April 2017

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