Monday, September 2, 2019

बंजर नींद

खोजूँ
ताम्बे के झरने का पिघलता संगीत
रोने के आह्लाद से भारी धुँध
हार, पीड़ा और ख़ालीपन से बनी
एक लम्बी पीर सी नदी 

नशे सी हावी होती शिकायत
बंजर नींद 
जिसके ख़्वाब भी सोए हुए हैं
 
9 April, 2019

No comments:

Post a Comment